खिलाड़ी के मुकाबले कोच का काम ज्यादा मुश्किल – मनप्रीत सिंह | Manpreet Singh – Indian Kabaddi and Pro Kabaddi League Palyers and Coach

एक खिलाड़ी के मुकाबले ज्यादा मुस्लिक काम एक कोच का होता हैं ऐसा भारतीय कबड्डी के पूर्व खिलाड़ी और कप्तान मनप्रीत सिंह ने बताया। कबड्डी 360 के इंस्टाग्राम हैंडल के साथ लाइव सेसन में मनप्रीत सिंह जुड़े थे तब उन्होंने अपने कबड्डी खिलाड़ी से लेकर कोचिंग करियर के बारे में बताया।

जो कोच और खिलाड़ी हैं दोनों में बोहोत ज्यादा अंतर होता है। जो खिलाड़ी हैं ओ हार के या जित के कोच से प्यार ले लेगा या डांट खा लेगा बस इतनाही काम हैं। लेकिन जो कोच होता हैं उसे बोहोत कुछ देखना होता हैं। एक साथ टीम को इखट्टी रखना है। टीम के अंदर दो ग्रुप ना हो जाये। टीम दो ग्रुप में बट ना जाये। टीम को आ के गलत बात ना बोल जाये या मेरी टीम को एक दूसरे के साथ भड़का ना दे। मतलब हर तरह की टेंशन कोच को होती हैं। हार गए तब ज्यादा टेंशन जित गए तब उससे ज्यादा बड़ी टेंशन। कोच का जो फोकस होता हैं ओ अपने खिलाड़ियोमे में होता हैं। वही एक अच्छा कोच होता हैं जो अपने खिलाड़ियोंको एक खिलाड़ी बन के खिलाड़ियोंको छोटा भाई मान के अच्छे से प्यार से सीखा सखे। सिर्फ मैदान में ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर की बातें भी सिखानी होती है। मेरे हिसाब से कोच का काम ज्यादा मुश्किल हैं एक खिलाड़ी के मुकाबले। ऐसा मनप्रीत सिंह ने बताया।

आपको बता दे की मनप्रीत सिंह भारतीय कबड्डी में बोहोत बड़ा नाम है। उन्होंने दो बार कबड्डी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया हैं। 2007 के कबड्डी वर्ल्ड कप के मनप्रीत सिंह कप्तान थे। प्रो कबड्डी (Pro Kabaddi League) में मनप्रीत सिंह ने अपना 47 किलो वजन कम करके पटना पायरेट्स टीम की कप्तानी करते हुवे सीजन तीन का किताब जितवाया हैं। अभी मनप्रीत सिंह प्रो कबड्डी में गुजरात फॉर्चून जाइंट्स के कोच हैं।
Story Of Manpreet Singh

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