पायेल चौधुरी अपने दोस्त की वजह से कबड्डी खिलाड़ी बनी। Story of Women Kabaddi players Payel Chawdhury

पायेल चौधुरी अपने दोस्त की वजह से कबड्डी खिलाड़ी बनी। पायेल के पिताजी कमाल चौधुरी एक राष्ट्रय फुटबॉल खिलाड़ी रहे है और इनके चाचा कृष्णकुमार चौधुरी एक अंतराष्ट्रीय फूटबाल खिलाड़ी रहे है। पायेल ने भी एथलेटिक्स को खेल के तौर पर चुना था। पायेल 100 मीटर, 200 मीटर दौड़ और हाई जम्प खेलती थी। आज पायेल एक अंरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाडी है भारत की तरफ से खेलती है। उन्हीने 2018 के एशियाई खेलो में भारतीय महिला टीम की कप्तानी की थी। 

पायेल ने कबड्डी 360 के इंस्टाग्राम लाइव सेसन में बताया जब वे स्कूल में थी तब स्कूल के एक कबड्डी प्रतियोगिता में उनकी दोस्त ने उनका नाम बिना पायेल को बताये टीम में दे दिया। वही से उनके कबड्डी करियर की सुरवात हुई।

जैसे स्कूल में कबड्डी प्रतियोगिता होती है तो किसी लड़की ने मेरा नाम दे दिया था। तो मैंने उन्हें बोला था मैं तो कबड्डी जानती नहीं मुझे पता ही नहीं कबड्डी के बारे में। उन्होंने बोला कोई नहीं तू भागती है इसी हिसाब से कर सकती है कबड्डी। तो मैंने बोला ठीक है कोई बात नहीं। तो मुझे थोड़ी बोहित ट्रेनिंग दी गई और मैंने लाइफ में पहली बार कबड्डी खेली।

उस प्रतियोगिता में एक अंपायर आये थे तो उन्हें मेरा खेल अच्छा लगा तो उन्होंने मुझे अपने क्लब में आने को बोला और कहा ही देखो तुम्हे अगर इंट्रेस्ट हो तो आना एक बार। तो मैं मम्मी पप्पा को लेकर गई  वही से मेरी कबड्डी की सुरवात हुई ऐसा पायेल ने बताया।

पायेल चौधुरी के पति प्रशांत कर्मकार अर्जुन पुरस्कार प्राप्त अंतराष्ट्रीय तैराक है। प्रशांत कर्माकर प्रथम भारतीय पैरालंपिक तैराकी अर्जुन अवार्डी है। पायेल चौधुरी अब भारतीय रेलवेस से कबड्डी खेलती है। पायेल 2019 में हुवे साऊथ एशियाई खेलो में जहा भारतीय महिला टीम में गोल्ड जीता उस टीम का भी हिस्सा रही है।
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