मैं कबड्डी खिलाड़ी नहीं होता तो मैं अध्यापक (Teacher) होता – दीपक निवास हुडा

भारतीय खिलाड़ी और प्रो कबड्डी (Pro Kabaddi) स्टार दीपक हुड्डा ने कबड्डी 360 को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे अगर कबड्डी नहीं खेलते तो वे क्या होते।
दीपक जब चार साल के थे तब उनके सर से मां का साया हट गया, उसके बाद 2013 में पिताजी के देहांत के बाद दीपक को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पढ़ाई छोड़ने के बाद दीपक ने कुछ साल पार्ट टाइम अध्यापक की नौकरी की। उसी दौरान दीपक ने अपनी कबड्डी प्रैक्टिस को जारी रखा।
कबाड़ी 360 को दिए इंटरव्यू मैं जब दीपक से पूछा गया कि वे अगर कबड्डी खिलाड़ी नहीं होते तो क्या होते तब दीपक ने बताया कि “मैंअगर कबड्डी खिलाड़ी नहीं होता तो में एक अध्यापक होता।”

दीपक हुड्डा ने 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में भारतीय टीम में एक खिलाड़ी के तौर पर प्रतिनिधित्व किया था उसी 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों में दीपक ने भारतीय टीम की कप्तानी कर के भारत को कबड्डी में चैंपियन बनाया।
दीपक 2016 कबड्डी विश्व कप, 2017 एशियन कबड्डी चैंपियनशिप, 2018 दुबई कबड्डी मास्टर्स और 2018 एशियन गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा रहे है।